What is NABARD Full Form? NABARD का Full Form क्या होता है? जानें नाबार्ड के बारे में जरूरी बातें…

NABARD Full Form
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NABARD Full Form

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दोस्तों अगर आप भी बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी सरकारी जॉब की तैयारी कर रहे हैं या फिर कृषि क्षेत्र मे कार्य करते हैं तो ऐसे मे आपने NABARD (नाबार्ड) शब्द जरूर सुना होगा लेकिन दोस्तों क्या आप जानते हैं की ये NABARD (नाबार्ड) Kya hai? या फिर NABARD का मतलब क्या होता है? और NABARD की फुल फॉर्म (NABARD Full Form) क्या होती है?

नमस्कार दोस्तों हिन्दी में जानें ब्लॉग पर आप सभी का स्वागत है। क्या आप भी इंटरनेट पर NABARD के बारे मे जानकारी (NABARD Full Form) ढूंढ रहे है? यदि हाँ तो आज मैं इस आर्टिकल के जरिए हम आपको NABARD Kya Hota Hai? NABARD (नाबार्ड) का मतलब क्या होता है? या फिर NABARD (नाबार्ड) की फुल फॉर्म (NABARD Full Form) क्या होती है? इनके बारे में डिटेल में बताने जा रहा हूँ। इस पोस्ट को पढ़कर आप NABARD Kya Hai? (NABARD Full Form) के बारे में जान सकेंगे।

NABARD (नाबार्ड) Kya Hai? (NABARD Full Form)

तो दोस्तों आपको बता दें कि बैंकिंग सेक्टर में या फिर कृषि क्षेत्र मे NABARD (नाबार्ड) का Full Form होता है National Bank for Agriculture and Rural Development (नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट)

NABARD Full Form : National Bank for Agriculture and Rural Development

NABARD Full Form in Hindi : नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट

(हिंदी में अर्थ “राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक”)

NABARD Full Form : National Bank for Agriculture and Rural Development

National Bank for Agriculture and Rural Development (NABARD) / राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक क्या है?

National Bank for Agriculture and Rural Development (NABARD) / राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक एक भारतीय सरकारी बैंक है जो खास तौर पर कृषि क्षेत्र में ऋण देने और ग्रामीण क्षेत्र में विकास के कार्य करने के लिए जानी जाती है।

यह भारत सरकार के द्वारा संचालित की जाने वाली एकमात्र ऐसी बैंक है जो खासतौर पर कृषि क्षेत्रों में ऋण उपलब्ध कराने के लिए और कृषि क्षेत्रों, लघु उद्योग क्षेत्र, कुटीर एवं ग्रामोद्योगों के विकास करने के लिए कार्य करती है।

NABARD

NABARD एक विकास बैंक है जो प्राथमिक तौर पर देश के ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करता है। यह कृषि एवं ग्रामीण विकास हेतु वित्त प्रदान करने के लिये शीर्ष बैंकिंग संस्थान है। कृषि के अतिरिक्त यह छोटे उद्योगों, कुटीर उद्योगों एवं ग्रामीण परियोजनाओं के विकास के लिये उत्तरदायी है।

NABARD (National Bank for Agriculture and Rural Development) की स्थापना कब हुई थी ?

National Bank for Agriculture and Rural Development (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) यानि की नाबार्ड की स्थापना RBI के द्वारा 12 जुलाई 1982 में केंद्रीय नियामक निकाय के रूप में हुई थी। भारत सरकार ने राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक अधिनियम 1981 की रूपरेखा के तहत नाबार्ड की स्थापना की थी।

इसका मुख्यालय भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई मे स्थिति है और इसके 336 जिला कार्यालय हैं, जिसमें छह प्रशिक्षण केंद्र हैं और इनके अलावा भारत में श्रीनगर में इनका एक विशेष सेल भी है।

नाबार्ड की स्थापना 12 जुलाई 1982 को कृषि वित्तपोषण और ग्रामीण खंड के लिए केंद्रीय नियामक निकाय के रूप में हुई थी। भारत सरकार ने राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक अधिनियम 1981 की रूपरेखा के तहत NABARD (National Bank for Agriculture and Rural Development) की स्थापना की थी।

National Bank for Agriculture and Rural Development (NABARD) / राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक का प्रमुख उद्देश्य क्या है ?

National Bank for Agriculture and Rural Development (NABARD)

नाबार्ड (NABARD) बैंक के स्थापना के पीछे का मुख्य उदेश्य भारत के कृषि क्षेत्र के लिए ऋण और अन्य विकास की सुविधाएं उपलब्ध करना है, और यह बैंक खासतौर पर ग्रामीण विकास, कृषि, कुटीर उद्योग एवं ग्रामीण उद्योग के विकास के लिए ऋण प्रवाह को आसान बनाता है। भारत की केंद्र और राज्य सरकार द्वारा ऐसी ढेरों सरकारी योजनाओं की शुरुआत किया गया है जिसके लिए नाबार्ड बैंक ऋण उपलब्धकर्ता है।

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इसके अलावा आप सभी भी जानते हैं कि भारत में कई ऐसे गरीब किसान है जो कृषि कार्य के लिए बैंक से ऋण लेते हैं और अन्य बैंको से ऋण लेने मे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है साथ में ब्याज दर भी ज्यादा देना पड़ता है और इन्हीं सब चीजों को ध्यान मे रखते हुए सरकार ने नाबार्ड की स्थापना की थी।

NABARD को कृषि और वित्तीय विकास में नीतियों के निर्माण, नियोजन और संचालन से संबंधित कई जिम्मेदारियां दी गई हैं। नाबार्ड इन जिम्मेदारियों को कुशलता से निभाता है और ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि उद्योग, कुटीर उद्योग, अन्य लघु उद्योगों और ग्रामीण शिल्प जैसे मानव उद्योगों को बढ़ावा देने और इन्हे विकसित करने की दिशा में काम करता है, ताकि गावों में रहने वाले लोगों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा और बेहतर रोजगार के अवसर पैदा हो सकें।

National Bank for Agriculture and Rural Development (NABARD) / राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक की पृष्ठभूमि क्या है?

भारत को स्वतंत्रता मिलने के बाद, भारत के ग्रामीण इलाकों में ऋण में सुधार करने के लिए, भारत सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक ने एक समिति का गठन किया। इस समिति को “अखिल भारतीय ग्रामीण ऋण सर्वेक्षण समिति” कहा जाता था और इसका नेतृत्व श्री गोरेवाला करते थे। आरबीआई पर बढ़ती जिम्मेदारी के साथ, कृषि वित्त पर ध्यान केंद्रित करना मुश्किल था।

1981 में श्री शिवरामन की अध्यक्षता में कृषि और ग्रामीण विकास के लिए संस्थागत ऋण की व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक समिति का गठन किया गया था। नाबार्ड का गठन बी शिवरामन समिति की सिफारिश पर किया गया था और इसे 12 जुलाई 1982 को नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट एक्ट 1981 को विनियमित करने के लिए स्थापित किया गया।

National Bank for Agriculture and Rural Development (NABARD) के मुख्य कार्य

नाबार्ड द्वारा किए जाने वाले चार मुख्य कार्य हैं-

  • क्रेडिट कार्य
  • वित्तीय कार्य
  • पर्यवेक्षी कार्य और
  • विकास कार्य

नाबार्ड द्वारा किए जाने वाले इन सभी कार्यों को समझने के लिए, आइए एक-एक करके इन सभी के बारे में जानें।

ऋण देने का कार्य 

ग्रामीण क्षेत्रों में ऋण सुविधाओं के मुख्य प्रदाता के रूप में, राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) ऋण देने का कार्य करता है। इन कार्यों के तहत, बैंक देश के ग्रामीण हिस्सों में ऋण प्रदान करना, विनियमित करना और निगरानी करता है।

वित्तीय कार्य 

नाबार्ड के कई ग्राहक बैंक और संस्थान हैं जो ग्रामीण क्षेत्रों में विकासात्मक गतिविधियों में सहायता करते हैं। वित्तीय कार्यों को निष्पादित करके, नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (NABARD) इन ग्राहक बैंकों और संस्थाओं जैसे हस्तशिल्प उद्योग, फूड पार्क, प्रसंस्करण इकाइयों, कारीगरों और कई अन्य को ऋण प्रदान करता है।

पर्यवेक्षी कार्य 

जैसा कि पहले ही ऊपर चर्चा की जा चुकी है, नाबार्ड सर्वोच्च संस्था है जो कृषि और ग्रामीण विकास की देखभाल करती है। यही कारण है कि सभी विकास गतिविधियों और परियोजनाओं की निगरानी और नियमन की जिम्मेदारी इस संस्था पर आती है। इस भूमिका को देखते हुए, NABARD पर्यवेक्षी कार्य करता है जिसमें उसे उन सभी ग्राहक बैंकों, संस्थानों, क्रेडिट और गैर-क्रेडिट समितियों पर नज़र रखनी होती है जो ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे विकासात्मक कार्यों का एक हिस्सा हैं।

विकास कार्य 

National Bank for Agriculture and Rural Development (NABARD) की प्राथमिक भूमिका टिकाऊ कृषि के विकास पर ध्यान केंद्रित करना और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना है। विकासात्मक कार्यों के तहत, नाबार्ड ग्रामीण बैंकों को विकासात्मक गतिविधियों के लिए कार्य योजना तैयार करने में मदद करता है।

  • इसके अलावा नाबार्ड केंद्रीय सहकारी बैंकों, वाणिज्यिक बैंक, राज्य सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और भूमि विकास बैंकों को पुनर्वित्त सेवाएं प्रदान करता है।
  • यह वाणिज्यिक बैंकों को ऋण देने के माध्यम से कृषि, लघु उद्योग और अन्य गाँव और कुटीर उद्योगों को पुनर्वित्त प्रदान करता है।
  • यह वाणिज्यिक और सहकारी बैंकों को ऋण प्रदान करके छोटे और छोटे क्षेत्रों सहित लघु उद्योगों, कुटीर उद्योगों और ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा देता है।
  • सेवा क्षेत्र पद्धति के तहत लघु उद्योग, कुटीर और ग्रामोद्योग के विकास के लिए बैंक द्वारा विशेष सहायता दी जाती है।
  • सहकारी बैंकों और वाणिज्यिक के बिलों और चेकों को कृषि आदानों के लिए वित्त प्रदान करने के लिए उन्हें छूट दी जाती है।
  • बैंक ग्रामीण क्षेत्रों में विकासात्मक और प्रचार गतिविधियों के संचालन के लिए राज्य सरकारों को धन भी प्रदान करता है।
  •  ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने और कमजोर अस्थिर वर्गों की मदद करने के लिए, बैंक पुनर्वित्त विशेष रूप से क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को स्थापित करता है जो अधिकांश राज्यों में पिछड़े क्षेत्रों में स्थापित किए जा रहे हैं।
  • दीर्घकालिक ऋण के मामले में, बैंक को राज्य सरकार की गारंटी के साथ सहयोग करने वाले दीर्घकालिक कृषि ऋण में शामिल संस्थानों को ऋण स्वीकृत किया जाता है।
  • बैंक कृषि और ग्रामीण उद्योगों के अनुसंधान और विकास में क्रेडिट वित्तपोषण भी देता है।
  • बैंक कृषि ऋण के विषय में केंद्र सरकार और आरबीआई की नीति तैयार करता है।
  • यह ग्रामीण बेरोजगारी की दर को कम करने के उद्देश्य से गैर-कृषि क्षेत्रों में गैर-कृषि गतिविधियों और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए वित्त प्रदान करता है।
  • यह राज्य सहकारी बैंकों को ऋण ऋण प्रदान करके और भूमि विकास बैंकों को भी राज्यों में सहकारी संरचना को सशक्त बनाता है।
  • यह राज्य सरकार की प्रायोजित सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से कुछ सिंचाई परियोजनाओं को क्रेडिट द्वारा बढ़ावा देता है।
  • बैंक ने सहकारी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के निरीक्षण कार्य को भी विनियमित किया।
  • बैंक ने सभी जिला मुख्यालयों में शाखा क्षेत्रीय कार्यालय खोले हैं, जिसके माध्यम से बैंक जिला कर्मचारियों के साथ जिला विकास कार्यक्रमों का समन्वय करता है।
  • बैंक अतिरिक्त रूप से व्यापार बैंकों की वार्षिक ऋण योजना में मदद करता है और क्षेत्र स्तर पर व्यापार और सह-उपयोग योग्य बैंकों के अभ्यासों का समन्वय करता है।
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इसलिए, वर्तमान समय में National Bank for Agriculture and Rural Development (NABARD) कृषि व्यवसाय के लिए और किसी देश की उन्नति के लिए मध्यम अवधि और लंबी दौड़ का श्रेय दे रहा है। जैसा कि शुरुआती समय में, NABARD की स्थापना के दौरान, व्यावसायिक और सह-उपयोग योग्य बैंकों दोनों द्वारा बागवानी ऋण की पुष्टि में एक प्रभावशाली वृद्धि हुई है। नाबार्ड ने इसी तरह क्षेत्रीय देश के बैंकों के कामकाज को सुदृढ़ करता है।

नाबार्ड परीक्षा (NABARD Exam) क्या है?

नाबार्ड परीक्षा (NABARD Exam) विभिन्न अधिकारी पोस्ट पर उम्मीदवारों की भर्ती के लिए आयोजित की जाती है। नाबार्ड (NABARD) में सबसे ज्यादा असिस्टेंट मैनेजर और मैनेजर पदों की मांग रहती है। कैंडिडेट्स को प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा दोनों पास करना अनिवार्य है।

नाबार्ड परीक्षा (NABARD Exam) की योग्यता

शैक्षिक योग्यता (मैनेजर पोस्ट के लिए) –

  • कैंडिडेट के कम से कम 60 प्रतिशत अंक के साथ ग्रेजुएशन और अन्य कैटेगरी SC/ST/PW के लिए 55 प्रतिशत अंक होने चाहिए।
  • या किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से 55 प्रतिशत अंक के साथ पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री और SC/ST/PW कैंडिडेट्स के लिए 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए।
  • या कम से कम 60% अंकों के साथ कृषि में डिग्री या 55 प्रतिशत अंक के साथ कृषि में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री।

आयु सीमा –

  • योग्य कैंडिडेट की 21 से 35 वर्ष के बीच आयु सीमा होनी चाहिए।

शैक्षिक योग्यता (असिस्टेंट मैनेजर पोस्ट) –

  • कैंडिडेट के कम से कम 50 प्रतिशत अंक के साथ ग्रेजुएशन और अन्य कैटेगरी SC/ST/PW के लिए 45 प्रतिशत अंक होने चाहिए।
  • या किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से 50 प्रतिशत अंक के साथ पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री और SC/ST/PW कैंडिडेट्स के लिए 45 प्रतिशत अंक होने चाहिए।
  • या कम से कम 50% अंकों के साथ कृषि में डिग्री या 50 प्रतिशत अंक के साथ कृषि में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री।

आयु सीमा –

  • योग्य कैंडिडेट की 21 से 35 वर्ष के बीच आयु सीमा होनी चाहिए।

चयन प्रक्रिया –

कैंडिडेट की भर्ती तीन चरणों के आधार पर की जाती है।

  • फेज़ 1 (प्रीलिम्स परीक्षा- ऑब्जेक्टिव)
  • फेज़ 2 (मेन परीक्षा- उद्देश्य और वर्णनात्मक)
  • फेज़ 3 (इंटरव्यू)

जनरल, एससी/ एसटी और पीडब्ल्यू कैंडिडेट्स के लिए कितनी आवेदन फीस है?

सामान्य कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए 800 रु. और अन्य कैटेगरी SC/ST/PW के लिए 150 रु. आवेदन फीस है।

  • नाबार्ड भर्ती की बेहतर तैयारी करने के लिए परीक्षा एवं सिलेबस की जानकारी होना आवश्यक है। नाबार्ड में सबसे ज्यादा असिस्टेंट मैनेजर और मैनेजर के पोस्ट की मांग रहती है। कैंडिडेट्स को प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा दोनों पास करना अनिवार्य होता है।
  • इसकी मेन परीक्षा में ए और बी ग्रेड के लिए अलग-अलग पैटर्न है।

नाबार्ड ग्रेड ए एंड बी फेज़ 1 (प्रीलिम्स) परीक्षा 2021 सिलेबस –

  1. Quantitative Aptitude – Data Interpretation, Quadratic Equations, Number Series, Simplification, Miscellaneous Arithmetic Problems etc.
  2. Reasoning – Puzzle, Judgment, Data Sufficiency, State Based Questions, Inequality, Miscellaneous Questions, Input-Output, Blood Relations etc.
  3. General Awareness– Comprehensive Reading, Sentence Reconciliation, Errors, Blank Spaces, Sentence Correction etc.
  4.  English Language – Current Affairs, Banking, Economy, Insurance etc.
  5. Computer Knowledge – Networking, Shortcuts, MS Office, Input Output Devices, Internet etc.

नाबार्ड ग्रेड ए एंड बी फेज़ 2 (मेन) परीक्षा 2021 सिलेबस

मेन परीक्षा के इंग्लिश भाषा के पेपर में descriptive प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं। कैंडिडेट्स को दोनों चरण के बाद आखिर में तीसरे चरण इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है।

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FAQ About NABARD Full Form

तो चलिए अब नाबार्ड (NABARD) शब्द से जुड़े कुछ सवालों के उत्तर के बारे मे जान लेते हैं जिसके बारे मे सभी लोगो को अक्सर जानना होता है।

Q. NABARD शब्द का फुल फॉर्म क्या है? / What is NABARD Full Form?

Ans : NABARD (नाबार्ड) शब्द का Full Form होता है National Bank for Agriculture and Rural Development (नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट)।

NABARD Full Form : National Bank for Agriculture and Rural Development

NABARD Full Form in Hindi : नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट

(हिंदी में अर्थ “राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक”)

Q . NABARD के वर्तमान अध्यक्ष कौन हैं?

Ans : NABARD के वर्तमान अध्यक्ष 2023 के बारे में बात किया जाए तो नाबार्ड के वर्तमान अध्यक्ष श्री शाजी के वी है । श्री शाजी के वी ने नाबार्ड अध्यक्ष का कार्यभार 07 दिसंबर 2022 को संभाला है । इससे पूर्व, श्री शाजी के वी 21 मई 2020 से नाबार्ड के उप प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यरत थे।

Q. NABARD की स्थापना कब और क्यों की गई?

Ans: भारतीय रिज़र्व बैंक के द्वारा 12 जुलाई 1982 को नाबार्ड की स्थापना किया गया था, और जिसका मुख्य उदेश्य कृषि, कुटीर उद्योग और ग्रामीण उद्योग के विकास के लिए ऋण प्रवाह को आसान बनाना है। और यह बैंक खासतौर पर कृषि क्षेत्र मे कार्य करने के लिए जाना जाता है।

Q. नाबार्ड का मुख्यालय कहाँ है?

Ans : नाबार्ड का अपना मुख्य कार्यालय मुंबई, भारत में है।

Q. भारत में कितने नाबार्ड बैंक हैं?

Ans : नाबार्ड अपने 28 क्षेत्रीय कार्यालय और एक उप कार्यालय, जो सभी राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों में स्थित हैं, के माध्यम से देश भर में परिचालित है।

Q. नाबार्ड के मुख्य कार्य क्या है?

Ans : नाबार्ड बैंक किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा के लिए सहकारी बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के माध्यम से किसानों को उचित मूल्यों पर ऋण देने जैसा कार्य करता है, इसके लिए नाबार्ड समय-समय पर सहकारी बैकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का निरीक्षण और निगरानी करते रहता है ताकि किसानों को मदद होता रहें ।

Q. क्या NABARD लोन देता है?

Ans : नाबार्ड योजना के तहत कोई लोन नहीं दिया जाता है। केवल कुछ ग्रामीण बैंकों, को-ऑपरेटिव बैंकों, और निजी और सार्वजानिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा लोन पर सब्सिडी दी जाती है।

Q. NABARD के तहत आने वाले बैंक व NBFC कौनसे हैं?

Ans : NABARD के तहत आने वाले बैंक और लोन संस्थान हैं :
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
सहकारी बैंक
निजी और सार्वजानिक क्षेत्र के बैंक

Q. NABARD में भारत सरकार का कितना हिस्सा है?

Ans: नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट यानि की NABARD मे भारत सरकार (Indian Govt) की 99 फीसदी से भी अधिक की हिस्सेदारी है।

Q. नाबार्ड का लक्ष्य क्या है?

Ans : नाबार्ड विभिन्न संस्थाओं को उनके संसाधनों में वृद्धि के लिए दीर्घावधि और अल्पावधि पुनर्वित्त प्रदान करता है ताकि किसानों और ग्रामीण कारीगरों आदि की निवेश संबंधी गतिविधियों को सहायता प्रदान करने के लिए पर्याप्त ऋण प्रदान किया जा सकें।

तो दोस्तों यहाँ इस आर्टिकल मे हमने आपको NABARD की Full Form (NABARD Full Form) और NABARD के बारे में और बहुत सी जानकारी दी है। और इसके अलावा इसी आर्टिकल मे हमने आपको NABARD Exam (नाबार्ड परीक्षा) के बारे मे भी जानकारी दी है।

उम्मीद है इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको NABARD की फ़ुल फॉर्म (NABARD Full Form) और NABARD Exam (नाबार्ड परीक्षा) के बारे में जानकारी मिल गयी होगी। और आर्टिकल आपको पसंद आया होगा। दोस्तों अगर आपको हमारा ये आर्टिकल अच्छा लगा हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर शेयर जरूर करें ताकी और लोगों को भी इस बारे में जानकारी प्राप्त हो जाए।

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