What is NHRC Full Form? NHRC की फुल फॉर्म क्या होती है? जानें NHRC के बारे में सभी जरूरी बातें…

NHRC Full Form Hindi
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NHRC Full Form Hindi

अतीक अहमद हत्या मामले में NHRC ने यूपी के डीजीपी प्रयागराज कमिश्नर को नोटिस जारी किया।

दोस्तों क्या आप जानते हैं कि यहां पर NHRC क्या है? यह कौन सी संस्था है? NHRC का मतलब क्या है? या फिर NHRC का फुल फॉर्म (NHRC Full Form) क्या होता है?

 यदि नहीं तो दोस्तों NHRC के बारे में जानकारी पाने के लिए आप हमारे इस आर्टिकल NHRC Full Form को पढ़ सकते हैं और आज के इस आर्टिकल में हम जानकारी देंगे NHRC के बारे में की NHRC क्या है? या फिर NHRC का मतलब क्या है? और NHRC का फुल फॉर्म (NHRC Full Form) क्या होता है?

नमस्कार दोस्तों हिन्दी में जानें ब्लॉग पर आप सभी का स्वागत है। क्या आप भी इंटरनेट पर एनएचआरसी के बारे मे जानकारी (NHRC Full Form) ढूंढ रहे है? यदि हाँ तो आज मैं इस आर्टिकल के जरिए हम आपको एनएचआरसी क्या है? या फिर एनएचआरसी की फुल फॉर्म (NHRC Full Form) क्या होती है? इनके बारे में डिटेल में बताने जा रहा हूँ। इस पोस्ट को पढ़कर आप NHRC Kya Hai? (NHRC Full Form) के बारे में जान सकेंगे।

NHRC Full Form

तो दोस्तों आपको बता दें कि NHRC का Full Form होता है National Human Rights Commission (हिंदी में अर्थ : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग) होता है।

NHRC Full Form : National Human Rights Commission

NHRC Full Form in Hindi : नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (हिंदी में अर्थ : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग)

NHRC Full Form :- National Human Rights Commission

National Human Rights Commission (NHRC) क्या है? 

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission – NHRC) एक स्वतंत्र वैधानिक संस्था है, जिसकी स्थापना मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के प्रावधानों के तहत 12 अक्टूबर, 1993 को की गई थी।

यह राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) देश के लोगों के मानवाधिकार का संरक्षक है। यह भारत के बहुत से मानवाधिकार जैसे की – जीवन का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार और समानता का अधिकार आदि को बढ़ावा देता है और उसके साथ साथ इनकी रक्षा भी करता है।

क्या होते हैं मानवाधिकार (Human Rights)?

संयुक्त राष्ट्र (United Nation) की परिभाषा के अनुसार ये अधिकार जाति, लिंग, राष्ट्रीयता, भाषा, धर्म या किसी अन्य आधार पर भेदभाव किये बिना सभी को प्राप्त हैं।

मानवाधिकारों में मुख्यतः जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार, गुलामी और यातना से मुक्ति का अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार और काम एवं शिक्षा का अधिकार, आदि शामिल हैं।

कोई भी व्यक्ति बिना किसी भेदभाव के इन अधिकारों को प्राप्त करने का हक़दार होता है।

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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) एक बहुसदस्यीय संस्था है जिसमें एक अध्यक्ष व सात अन्य सदस्य होते है। इनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गठित छह सदस्यीय समिति की सिफारिश पर होती है। इस समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, राज्यसभा के उपसभापति संसद के दोनों विपक्ष नेता व केन्द्रीय गृहमंत्री होते है। 

आप सभी को यह भी बता दें कि जिस समय राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की स्थापना की गई थी उस समय इसके प्रथम अध्यक्ष जस्टिस रंगनाथ मिश्र थे। वह इस आयोग के प्रथम अध्यक्ष थे। वर्तमान समय में इसके अध्यक्ष अरुण कुमार मिश्रा है। जो भी इस आयोग के अध्यक्ष होते है उसका चुनाव एक समिति के द्वारा किया जाता है और उस समिति को देश के राष्ट्रपति के द्वारा गठित किया गया है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission – NHRC) का मुख्यालय दिल्ली में स्थित है।

मानवाधिकारों (Human Rights) का इतिहास

  • मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा (Universal Declaration of Human Rights- UDHR) एक महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज़ है, जिसे संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 10 दिसंबर, 1948 को पेरिस में अपनाया गया था।
  • मानव अधिकारों के इतिहास में यह बहुत महत्त्वपूर्ण घोषणा है, क्योंकि इसके द्वारा ही पहली बार मानव अधिकारों को सुरक्षित करने का प्रयास किया गया था।
  • हर साल 10 दिसंबर को Universal Declaration of Human Rights (UDHR) की सालगिरह के रूप में मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है।
  • 1991 में पेरिस में हुई संयुक्त राष्ट्र की बैठक ने सिद्धांतों का एक समूह (जिन्हें पेरिस सिद्धांतों के नाम से जाना जाता है) तैयार किया जो आगे चलकर राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं की स्थापना और संचालन की नींव साबित हुए।
  • इन्हीं अधिकारों का अनुसरण करते हुए भारत में मानवाधिकारों में अधिक जवाबदेही और मज़बूती लाने के उद्देश्य से मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 बनाया गया।
  • यह अधिनियम सभी राज्य सरकारों को भी राज्य मानवाधिकार आयोग (State Human Rights Commission) बनाने का अधिकार देता है।

मानवाधिकार परिषद (Human Rights Council)

  • मानवाधिकार परिषद (Human Rights Council) एक अंतर-सरकारी निकाय है जिसका गठन 15 मार्च, 2006 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव द्वारा किया गया था।
  • इसे पूर्व में रहे संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग के स्थान पर लाया गया था।
  • यह पूरी दुनिया में मानवाधिकारों के संवर्द्धन और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिये उत्तरदायी है। इसी के साथ यह संस्था मानव अधिकार के उल्लंघनों की भी जाँच करती है।
  • इसके पास मानव अधिकार से जुड़े सभी महत्त्वपूर्ण मुद्दों और विषयों पर चर्चा करने का अधिकार है।
  • यह परिषद संयुक्त राष्ट्र महासभा में चुने गए 47 सदस्य देशों से मिलकर बनती है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission / NHRC) की संरचना

  • NHRC एक बहु-सदस्यीय संस्था है जिसमें एक अध्यक्ष, पाँच पूर्णकालिक सदस्य तथा दो डीम्ड सदस्य होते हैं। यह आवश्यक है कि 7 सदस्यों में कम-से-कम 3 पदेन (Ex-Officer) सदस्य हों।
  • अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय कमेटी की सिफारिशों के आधार पर की जाती है।
  • अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल 5 वर्षों या 70 वर्ष की उम्र, जो भी पहले हो, तक होता है।
  • इन्हें केवल तभी हटाया जा सकता है जब सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की जाँच में उन पर दुराचार या असमर्थता के आरोप सिद्ध हो जाएं।
  • इसके अतिरिक्त आयोग में पाँच विशिष्ट विभाग (विधि विभाग, जाँच विभाग, नीति अनुसंधान और कार्यक्रम विभाग, प्रशिक्षण विभाग और प्रशासन विभाग) भी होते हैं।
  • राज्य मानवाधिकार आयोग (State Human Rights Commission) में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा राज्य के मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के परामर्श पर की जाती है।
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission / NHRC) के कार्य और शक्तियाँ

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission / NHRC) को निम्नलिखित शक्तियां प्राप्त हैं

  • मानवाधिकारों के उल्लंघन से संबंधित कोई मामला यदि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के संज्ञान में आता है या शिकायत के माध्यम से लाया जाता है तो NHRC के पास उसकी जाँच करने का अधिकार है।
  • इसके पास मानवाधिकारों के उल्लंघन से संबंधित सभी न्यायिक मामलों में हस्तक्षेप करने का अधिकार है।
  • राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) किसी भी जेल का दौरा कर सकता है और जेल में बंद कैदियों की स्थिति का निरीक्षण एवं उसमे सुधार के लिये सुझाव दे सकता है।
  • राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) संविधान या किसी अन्य कानून द्वारा मानवाधिकारों को बचाने के लिये प्रदान किये गए सुरक्षा उपायों की समीक्षा कर सकता है और उनमें बदलावों की सिफारिश भी कर सकता है।
  • NHRC मानवाधिकार के क्षेत्र में अनुसंधान का कार्य भी करता है।
  • यह आयोग प्रकाशनों, मीडिया, सेमिनारों और अन्य माध्यमों से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच  मानवाधिकारों से जुड़ी जानकारी का प्रचार करता है और लोगों को इन अधिकारों की सुरक्षा के लिये प्राप्त उपायों के प्रति भी जागरूक करता है।
  • राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के पास दीवानी अदालत की भी शक्तियाँ हैं और यह अंतरिम राहत भी प्रदान कर सकता है।
  • NHRC के पास मुआवज़े या हर्जाने के भुगतान की सिफ़ारिश करने का भी अधिकार है।
  • NHRC की विश्वसनीयता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके पास हर साल बहुत बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज़ होती हैं।
  • राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) राज्य तथा केंद्र सरकारों को मानवाधिकारों के उल्लंघन को रोकने के लिये महत्त्वपूर्ण कदम उठाने की सिफ़ारिश भी कर सकता है।
  • National Human Rights Commission अपनी रिपोर्ट भारत के राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत करता है जिसे संसद के दोनों सदनों में रखा जाता है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission / NHRC) की सीमाएँ

  • NHRC के पास जाँच करने के लिये कोई भी विशेष तंत्र नहीं है। अधिकतर मामलों में यह संबंधित सरकार को मामले की जाँच करने का आदेश देता है।
  • पीड़ित पक्ष को व्यावहारिक न्याय देने में असमर्थ होने के कारण भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी ने इसे ‘India’s Teasing Illusion’ की संज्ञा दी है।
  • राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के पास किसी भी मामले के संबंध में मात्र सिफारिश करने का ही अधिकार है, वह किसी को निर्णय लागू करने के लिये बाध्य नहीं कर सकता।
  • कई बार धन की अपर्याप्ता भी NHRC के कार्य में बाधा डालती है।
  • राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) उन शिकायतों की जाँच नहीं कर सकता जो घटना होने के एक साल बाद दर्ज कराई जाती हैं और इसीलिए कई शिकायतें बिना जाँच के ही रह जाती हैं।
  • अक्सर सरकार या तो राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की सिफारिशों को पूरी तरह से खारिज कर देती है या उन्हें आंशिक रूप से ही लागू किया जाता है।
  • राज्य मानवाधिकार आयोग (State Human Rights Commission / SHRC) केंद्र सरकार से किसी भी प्रकार की सूचना नहीं मांग सकते, जिसका सीधा सा अर्थ यह है कि उन्हें  केंद्र के तहत आने वाले सशस्त्र बलों की जाँच करने से रोका जाता है।
  • केंद्रीय सशस्त्र बलों के संदर्भ में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की शक्तियों को भी काफी सीमित रखा गया है।
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FAQ About NHRC Full Form 

Q . NHRC का Full Form क्या होता है?

Ans : NHRC का Full Form होता है National Human Rights Commission (हिंदी में अर्थ : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग) होता है।

NHRC Full Form : National Human Rights Commission

NHRC Full Form in Hindi : नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (हिंदी में अर्थ : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग)

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission – NHRC) एक स्वतंत्र वैधानिक संस्था है, जिसकी स्थापना मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के प्रावधानों के तहत 12 अक्टूबर, 1993 को की गई थी।

यह राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) देश के लोगों के मानवाधिकार का संरक्षक है। यह भारत के बहुत से मानवाधिकार जैसे की – जीवन का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार और समानता का अधिकार आदि को बढ़ावा देता है और उसके साथ साथ इनकी रक्षा भी करता है।

Q . NHRC की स्थापना कब हुई थी ?

Ans : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की स्थापना 12 अक्टूबर, 1993 को की गयी थी।

Q . NHRC का मुख्यालय कहाँ पर स्थित है ?

Ans : NHRC का मुख्यालय दिल्ली में स्थित है।

Q . NHRC के प्रथम अध्यक्ष का नाम क्या है ?

Ans : NHRC के प्रथम अध्यक्ष जस्टिस रंगनाथ मिश्र थे।

Q . वर्तमान में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) का अध्यक्ष कौन है?

Ans : न्यायमूर्ति श्री अरुण कुमार मिश्र वर्तमान में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission) के अध्यक्ष हैं । वह 2 जून, 2021 से इस पद पर कार्यरत हैं।

Q . राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के कुल कितने सदस्य होते हैं?

Ans : NHRC एक बहु-सदस्यीय संस्था है जिसमें एक अध्यक्ष, पाँच पूर्णकालिक सदस्य तथा दो डीम्ड सदस्य होते हैं। यह आवश्यक है कि 7 सदस्यों में कम-से-कम 3 पदेन (Ex-Officer) सदस्य हों। NHRC के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रधान मंत्री की अध्यक्षता वाली एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति की सिफारिश पर की जाती है। क़ानून आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के लिए योग्यता निर्धारित करता है।

तो दोस्तों ऊपर आर्टिकल में हमने आपको NHRC का मतलब (NHRC Full Form) : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission) के बारे में जानकारी दी है। उम्मीद है आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। 

उम्मीद है इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको NHRC की फ़ुल फॉर्म (NHRC Full Form) क्या है? के बारे में जानकारी मिल गयी होगी। और आर्टिकल आपको पसंद आया होगा। 

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